होंठों से छू लो तुम
मेरा गीत अमर कर दो
होंठों से छू लो तुम
मेरा गीत अमर कर दो
बन जाओ मीत मेरे
मेरी प्रीत अमर कर दो
होंठों से छू लो तुम
मेरा गीत अमर कर दो
ना उम्र्र की सीमा हो ना
जनम का हो बंधन
ना उम्र्र की सीमा हो ना
जनम का हो बंधन
जब प्यार करे कोई
तोह देखे केवल मनन
नयी रीत चलाकर तुम
यह रीत अमर कर दो
नयी रीत चलाकर तुम
यह रीत अमर कर दो
आकाश का सूनापन
मेरे तन्हा मन्न में
आकाश का सूनापन
मेरे तन्हा मन्न में
पायल छनकाती
तुम आ जाओ जीवन में
साँसे देकर अपनी
संगीत अमर कर दो
संगीत अमर कर दो
मेरा गीत अमर कर दो
जग ने छीना मुझसे
मुझे जो भी लगा प्यारा
जग ने छीना मुझसे
मुझे जो भी लगा प्यारा
सब जीता किये मुझसे
मै हर दम ही हारा
तुम हारके दिल अपना
मेरी जित अमर कर दो
तुम हारके दिल अपना
मेरी जित अमर कर दो
होंठों से छू लो तुम
मेरा गीत अमर कर दो


